Wednesday, 23 January 2013
सेवा और आस्था को परिभाषित करते तीर्थ .
क्या तीर्थ स्थल निस्वार्थ सेवा की भावना है ,आस्था से बंधे लोगो को संतुष्टि प्रदान करते है, मानव ह्रदय में अच्छी बातों का संचार करते है या ठगी के केंद्र है ?
"सेवा और आस्था को परिभाषित करते तीर्थ"
बिधुना (जिला औरैया ) में इस विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमे तमाम गणमान्य लोगो ने अपने विचार रखे ।
| 'द वेक ' के संरक्षक भुवनेश्वर नाथ मिश्र |
| 'द वेक' पत्रिका की संपादिका शकुन त्रिवेदी |
| कार्यक्रम के उपरांत विश्राम के क्षण |
Tuesday, 9 October 2012
Women empowerment hurts male ego ?
"महिला आत्मनिर्भरता क्या पुरुषो को रास नहीं आती "
इस विषय पर बी डी मेमोरियल इंटर्नेशनल स्कूल में एक संगोष्ठी 'द वेक ' हिंदी मासिक पत्रिका द्वारा आयोजित की गयी जिसमे बच्चों एवं शिक्षको ने अपने -अपने विचार व्यक्त किये।
| कार्यक्रम का संचालन करते बच्चें |
| निर्णायक की भूमिका में 'द वेक' की संवादाता शुभ्रा त्रिवेदी एवं अमिता पुरोहित |
| बीडी मेमोरियल की डायरेक्टर श्रीमती उषा मेहता बच्चों को संबोधित करते हुए . |
| सेकंड प्राईज देती हुयी अमिता पुरोहित |
| प्रथम पुरस्कार देते हुए समपादक शकुन त्रिवेदी |
| प्रथम & द्वितीय पुरस्कार विजेताओ के साथ 'द वेक के समाचार संपादक राजेश मिश्र एवम अमिता पुरोहित |
| शकुन त्रिवेदी संपादक 'द वेक' समाचार संपादक राजेश मिश्र & अमिता पुरोहित |
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