भारत का भविष्य २०१९ (संगोष्ठी )
द वेक हिंदी पत्रिका व् जनसंसार के संयुक्त तत्वाधान में एक संगोष्ठी भारत का भविष्य २०१९ राजनैतिक ,सामाजिक, आर्थिक का आयोजन किया गया।
विश्वहिंदू परिषद् कोलकाता के उपाध्यक्ष सर्वेश राय के अनुसार सऊदी अरब में बहुत सी मस्जिद, मजार हटा के पार्क बनाये गये वहां किसी ने इसका विरोध नहीं किया हमे भी इसी तर्ज पर मंदिर ,मस्जिद , मजार जो विकास के कार्य को प्रभावित कर रहे है उन्हें हटा कर स्कूल बनाने चाहिए।
ओंकार बांग्ला चैनल के चेयरमेन प्रह्लाद राय गोयनका, आजकल धार्मिक उन्माद चल रहा है एक -एक धार्मिक आयोजन में लाखों ,करोड़ों रूपये खर्चा होते है। एक -एक कार्ड पर तीन सौ लोगो के नाम छपे होते है। इस तरह के आयोजन दिखावा मात्र है ना कि लोगो तक ज्ञान पहुंचाने का माध्यमअगर इन पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में इस तरह के आयोजनों पर और भी पैसे की बर्बादी होगी। देश में आतंक का वातावरण बन रहा है जो की अच्छा नहीं है भविष्य में ऐसे तत्व आएंगे जो सिर्फ बम और बन्दूक की बात करेंगे।
ओ. पी शाह ,अध्यक्ष सेंटर फार पीस एंड प्रोग्रेस , कश्मीर अब बदल रहा है वहां के नौजवान भाई -चारे के साथ सभी धर्मों के त्यौहार मनाना चाहते है ऐसी ही एक पहल दीवाली को लेकर की जा रही है जिसमे दूर दूर से लोगो को बुलाया जा रहा है। कश्मीरियों में विश्वास और सवांद केंद्र सरकार स्थापित करे तो कश्मीरी निवासी भारत के अन्य प्रांतों के लोगो से जुड़ सकते है। कश्मीरियों को मिडिया से भी शिकायत है उनके अनुसार मिडिया कश्मीर की सही स्थिति नहीं दिखाती है।
छपते -छपते के सम्पादक व् ताजा चैनल के डायरेक्टर बिशम्भर नेवर ने कहा समाज में मिडिया की अहम् भूमिका है लेकिन आज की मिडिया निष्पक्ष नहीं है। आज कल मिडिया में बड़े -बड़े घराने अपना पैसा लगा रहे वो लोग अपनी ही बात करेंगे. मिडिया भी राजनितिक खेमों में बट गया है। जो जिस खेमे का है वो उसी खेमें की बात करेगा। सच्चाई क्या है ये बताने के लिए गिने चुने पत्रकार है। तथ्यों के साथ कोई भी आंकड़े प्रस्तुत नहीं करना चाहता। मृणाल पांडे व् कुलदीप नैयर पूर्ण रूप से निष्पक्ष नहीं है फिर भी इनके लेख पढ़े जा सकते है। जनसत्ता दैनिक समाचार पत्र का सर्कुलेशन ज्यादा नहीं लेकिन उसके समाचार और लेख निष्पक्ष होते है।
विजय ओझा -भाजपा पार्षद (४७ वार्ड कोलकाता), २०१९ में भी भाजपा का कोई विकल्प नहीं। रही बात बढ़ रही गौ हिंसा , धार्मिक हिंसा तो ये सामयिक बुखार है। जी एस. टी से कार्य करने में असुविधा हुयी है ये मानते है लेकिन ये कोई पहाड़ का पत्थर तो नहीं जो बदल नहीं सकता। जब हमारे संविधान में संशोधन हो सकता है तो जी एस. टी में भी बदलाव होगा । नोटबंदी साहसिक कदम। नकली नोटों का व्यापार ,नशे का कारोबार बंद हुआ।
इस कार्यक्रम के अध्यक्ष "इंडो- वियतनाम सॉलिडेरिटी कमिटी के प्रेसिडेंट व् प्रख्यात लेखक गीतेश शर्मा ने कहा की २०१९ में भी हिंदुत्व का मुद्दा छाया रहेगा , गौ रक्षा की हम बड़ी बड़ी बात करते है जबकि गोस्वामी तुलसी दास ने कहा है की " गौधन ,गजधन ,बाजधन और रतन धन खान, जब आवे संतोष धन सब धन धूरि सामान। आप लोग गौ का दान करते है और उसे माता भी कहते है क्या कोई अपनी माता का दान कर सकता है। गाय बेचने वाले को देशभक्त और काटने वाले को गुनहगार. ८० % मुसलमान हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को बना कर रखता है। भारत में चाईना से भगवान आ रहे है किसी ने इसका विरोध नहीं किया जबकि प्राण प्रतिष्ठा उसी भगवान् की होती है जो आपके देश की मिटटी से बने होते है। देश पीछे जा रहा है। अर्थव्यवस्था ख़राब हो रही है। कार्यक्रम के उपरांत प्रश्नोत्तर का दौर चला जो बहुत ही मजेदार था। उपरोक्त कार्यक्रम का सञ्चालन 'द वेक ' पत्रिका की सम्पादिका शकुन त्रिवेदी ने किया ,
धन्यवाद ज्ञापन " द वेक" के प्रबंध संपादक मनोज त्रिवेदीने दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शौर्यांक ,जयादूबे , जैस्मिन की अहम् भूमिका थी। इस अवसर पर उपस्थित थे बिमल शर्मा ,रावेल पुष्प , प्रेम कपूर, कवियत्रि कुसुम जैन ,, सुनीता निगम ,सुधीर निगम, सीताराम अग्रवाल , जीवन सिंह आदि।