Wednesday, 30 November 2011

Football Match at Ranaghat.

Friendship Football Match ( Sampriti Cup 2011) organised by Kolkata Earth Life  & Ranaghat Agrani club
मैच आरंभ होने के पहले  झंडा फहराते रानाघाट के एम एल ऐ.

 GROUP PHOTO during Flag hoisting .
बंगलादेशी खिलाडियों से हाथ मिलाते
 कोलकाता अर्थ लाइफ के अध्यक्ष मनोज त्रिवेदी 
कृष्णानगर के खिलाडियों से हाथ मिलाते मनोज त्रिवेदी 
बंगलादेशी टीम 
 कृष्णानगर टीम 'पश्चिम बंगाल '
लिम्का बुक में नाम दर्ज करवाने वाला
फुटबाल मास्टर मीर कमालुद्दीन 
पीछे की कुर्सियों पर बैठे 'डी वेक' टीम के सदस्य.
रनर कप देते  हुए कोलकाता अर्थ लाइफ
के अध्यक्ष मनोज त्रिवेदी 



Winnig Cup  given to Bangladeshi team (defeated Krishnanagar team by 2-0.)
 by  Minister Ujjawal Bisvas (youth service)
&
Social activist Ganesh Dhanania 
सम्पृति कप २०११ का  प्रतीक चिह्न देते हुए
 शकुन त्रिवेदी (संपादक 'डी वेक")
  साक्षात्कार  के दौरान फुटबाल टीम के उपाध्यक्ष  कुंडू .

 Ashiqur Rahman Miku ,Secretary General
Bangladesh District & Divisional Sports Organizer Council 
शकुन त्रिवेदी के साथ बंगलादेश फुटबाल टीम के कोच तथा मिस्टर कुंडू 
News Editor 'THE WAKE' Rajesh Mishra
along with National Commentator Shri Mihir Das .
'THE WAKE' TEAM
AT RANAGHAT  STADIUM (WB)
Kolkata Earth Life organised this friendly event just to promote Football match among youths & bring  dashing -dynamic Football player out.

Tuesday, 13 September 2011

published news " cancer awareness'


प्रकाशित समाचार 
छपते -छपते हिंदी दैनिक 

विश्वामित्र हिंदी दैनिक 

राजस्थान पत्रिका हिंदी दैनिक 

सेवा संसार सांध्य दैनिक 

दैनिक जागरण हिंदी दैनिक 

भारतमित्र  हिंदी दैनिक 
प्रभात खबर हिंदी दैनिक 


Monday, 12 September 2011

CANCER AWARENESS

a "cancer awareness " program organised by 'THE WAKE' Hindi monthly magazine,
'डी वेक ' टीम , केंसर सर्जन डॉ.  विकास अगरवाल ,डॉ सुनील भंडारी  के साथ 


               कमिश्नर पुलिस श्रीमान जे पी सिंह ने इस आयोजन की भूरी -भूरी सराहना करते हुए कहा की अगर ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे तो लोगो में जागरूकता पैदा होगी और वे अपने स्वाथ्य के प्रति सतर्क रहेंगे तथा तम्बाकू जैसे कैंसरस नशे से भी दूर रहेंगे .
ताजा चैनल के निदेशक ,व् छपते -छ्पते के संपादक ,विशम्भर नेवर ने कहा की आज विश्व में सबसे बड़े आतंकी हमले की बरसी है ऐसे अवसर पर कैंसर जैसी भयंकर बीमारी को ख़त्म करने के लिए चलाया जाने वाला अभियान प्रशंसनीय है ,किन्तु पत्रकारों का इस  मंच पर आ कर कैंसर जागरूकता अभियान में सहयोग देना और भी प्रशंसनीय है.
पश्चिम बंग 'प्रभात खबर ' के प्रभारी कौशल किशोर ने कैंसर की भयावहता पर रौशनी डालते हुए कहा की हम सभी का ये दायित्व है की हम अधिक से अधिक लोगो को जागरूक करे और कैंसर मुक्त समाज बनाने में सहयोग दे . उन्होंने 'द वेक' मासिक  पत्रिका एवं दीन दयाल सेवा केंद्र के कैंसर जागरूक अभियान चलाने के लिए सराहना भी की .
कैंसर सर्जन डॉ. विकास अगरवाल ने कैंसर के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए उसके  लक्षणों के बारे में बताया उसका निदान किस प्रकार  होना चाहिए और उसे रोकने के लिए क्या करना चाहिए उस पर भी रौशनी डालते हुए समझाया की हमारी वर्तमान जीवन शैली ने हम सभी को काफी प्रभावित किया है ,इसी वजह से आज बहुत से लोग ऐसी भयंकर बीमारी से ग्रसित हो रहे है .
पश्चिम बंग "प्रभात खबर "हिंदी दैनिक के प्रभारी कौशल किशोर
 का सम्मान करते  हुएआनंद शर्मा .बायीं तरफ वैठे हुए 'डी वेक ' के प्रबंध संपादक मनोज त्रिवेदी .
'डी वेक ' के accountant शंकरलाल आचार्य
 पुलिस कमिशनर का स्वागत करतेहुए
डॉ विकास अगरवाल का सम्मान करते हुए भरत  मिश्र .
डॉ सुनील भंडारी का सम्मान करते हुए समिरदास 
                                         आयोजक शकुन त्रिवेदी एवं गणेश धनानिया 


डॉ. अशोक तिवारी  का स्वागत करते हुए 'डी वेक' के
समाचार संपादक राजेश मिश्रा
कैंसर विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुयी
 जिसमे बस्ती के बच्चों ने हिस्सा लिया
  'अपने पुरस्कारों के  
साथ बच्चे' .
मुफ्त में परीक्षण करते हुए डॉ. विकास अगरवाल 
डॉ सुनील भंडारी मुफ्त सेवा देते हुए .

इस कार्यक्रम का संचालन शकुन त्रिवेदी ने किया और बताया कि इस आयोजन को करने का उद्देश्य कैंसर की गंभीरता के बारे में लोगो को बताना है , कि इस बीमारी के सामने हम कितने  बेबस हो जाते है कि जेब में पैसे होते हुए भी हम अपने लोगो को नहीं बचा पाते | 
 इस  कार्यक्रम मे जिन लोगो ने सहयोग दिया उनके हम आभारी है. गणेश धनानिया , मनोज त्रिवेदी ,शंकर लाल आचार्य ,राजेश मिश्र ,आनंद शर्मा ,भरत मिश्र ,विजय शर्मा ,शिवरतन डालमिया ,निर्मल अगरवाल ,राजीव त्रिवेदी ,शुभ्रा ,सुजीत ,शुभ्रांशु ,शौर्यांक आदि .





Saturday, 30 July 2011

Prize distribution by "THE WAKE"

पुरस्कार वितरण के अवसर पर उपस्थित "डी वेक" टीम 
व् 
BDMI  DIRECTOR USHA MEHTA 
                                                                                                                                              
बी.डी.मेमोरिअल इंस्टिट्यूट की डायरेक्टर उषा मेहता  अपना वक्तव्य देते हुए 


 कुमार चिरंजीवी को प्रथम पुरस्कार देते हुए
 " डी वेक" के ज्योतिषाचार्य टी पी तिवारी 


रम्या कार्तिक को द्वितीय पुरस्कार देते हुए
"डी वेक" के समाचार संपादक राजेश कश्यप





श्वेता गर्ग को तृतीय पुरस्कार देते हुए
बिहार मार्केटिंग इंचार्ज नरेन्द्र गुप्ता 

वाद -विवाद प्रतियोगिता में अपने विचार प्रकट करते हुए
मधुरा मोइत्रा
व् सुनते हुए अन्य प्रतिभागी .





DEBATE IN BDMI.

क्यों भुला बैठे हम शहीदों को ?



द वेक टीम  वाद -विवाद प्रतिभागियों को सुनते हुए 

BDMI ' की शिक्षिका  श्रीमती घाटे व् अन्य
वाद -विवाद प्रतियोगिता के  प्रतिभागियों  को ध्यान से सुनती हुयी 




















बिदीएम आई  छात्रो के अनुसार निम्नलिखित कारण


१. मधुरा मोइत्रा ,मेरा देश महान कहने से देश महान नही होता बल्कि हमें अच्छे कार्य करने होंगे जिनसे हम अपने देश को दुनिया के सामने महान दिखा सके .


२. सायंतन दत्ता ,हम आजादी के मूल्य कों भूल चुके है |यही वजह है कभी गाँधी जी के जूते की नीलामी करते है तो कभी उनका चश्मा चोरी हो जाता है |


३. एस. कृष्णमूर्ति . शहीदों के चित्रों के आगे फूल -मालाये चढाने का मतलब उन्हें  याद करना नही होता वरन उनके विचारों को जिन्दा रखना होता है |
४. सोहम सत्यधर्मा ,टीवी ,इन्टरनेट की तेज रफ़्तार  हमें हमारा अतीत,"आजादी के पहले का समय "  याद करने   नहीं  देता  |सच ये है की आजकल लोग स्वतंत्रता दिवस के दिन को छुट्टी के रूप में मनाना ज्यादा पसंद करते है |
५. देवलीना सान्याल ,बदलाव की रफ़्तार सब कुछ समेट कर ले जा रही है |पैसे के लिए लोग देश को बेचने से नही चुकते वे शहीदों को क्या याद करेंगे 


६. कुमार चिरंजीवी ,शहीदों को याद  रखने के लिए अगर तारीखे न बनायीं गयी होती तो आज इनकी परछाई भी हमारे पास न होती |
७. रम्या कार्तिक ,समय के साथ सोच बदलती है, लक्ष्य बदलता है,१९४७ के पहले आजादी प्राप्त करना पहला ध्येय था | आज सबके पास   अलग -अलग उद्देश्य है, लक्ष्य है|